मध्य प्रदेश

80 लाख वसूलकर फिर मांगे एक करोड़, इंदौर में सरोगेट मदर गिरफ्तार

nidhi
28 Oct 2026 9:14 AM IST
80 लाख वसूलकर फिर मांगे एक करोड़, इंदौर में सरोगेट मदर गिरफ्तार
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कारोबारी से 80 लाख रुपये वसूलने का आरोप
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक प्रॉपर्टी कारोबारी को ब्लैकमेल कर रकम वसूलने के आरोप में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। कारोबारी की पत्नी की शिकायत के अनुसार, महिला पहले करीब 80 लाख रुपये ले चुकी है और अब एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग कर रही थी। शिकायत में बदनाम करने तथा दोबारा आपराधिक मामला दर्ज कराने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, दंपती का महिला से संपर्क सरोगेसी के संबंध में हुआ था। अतिरिक्त डीसीपी दीशेष अग्रवाल के अनुसार, कारोबारी की पत्नी ने महिला के खिलाफ शिकायत दी थी। आवेदन की जांच के बाद मंगलवार, 27 अक्टूबर को गिरफ्तारी की गई। फिलहाल सामने आई जानकारी पुलिस और शिकायतकर्ता के पक्ष पर आधारित है। आरोपित महिला का विस्तृत जवाब उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है। गिरफ्तारी को आरोपों पर अदालत का अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए।
सरोगेसी के संबंध में हुई थी बातचीत
दंपती ने महिला से सरोगेट मदर बनने के लिए संपर्क किया था। इसके बाद उनके बीच संबंध और आर्थिक लेनदेन का विवाद बढ़ा। पुलिस के हवाले से बच्चों तथा उनके लिए संपत्ति और आर्थिक व्यवस्थाएं किए जाने का भी उल्लेख सामने आया है। हालांकि, संबंधित चिकित्सा दस्तावेज, समझौते और अभिभावकत्व संबंधी रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण सरोगेसी की पूरी प्रक्रिया या बच्चों की कानूनी स्थिति के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। बच्चों से जुड़ी पहचान और पारिवारिक जानकारी भी खबर में शामिल नहीं की जा रही है। वर्तमान पुलिस कार्रवाई का प्रमुख विषय कारोबारी को कथित रूप से धमकाकर पैसे मांगना है। सरोगेसी का संदर्भ दोनों पक्षों के शुरुआती संपर्क की पृष्ठभूमि के रूप में सामने आया है।
80 लाख रुपये लेने और फिर नई मांग का आरोप
कारोबारी की पत्नी ने शिकायत में कहा कि महिला उनके पति का कारोबार देखने के बाद लगातार आर्थिक मांग करने लगी थी। आरोप है कि पहले बड़ी रकम लेने के बावजूद मांग समाप्त नहीं हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार, अब एक करोड़ रुपये और मांगे जा रहे थे। इसी के साथ परिवार को सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकी देने की बात कही गई है। यहां पहले दी गई रकम और बाद में मांगी गई राशि अलग हैं। करीब 80 लाख रुपये पहले लिए जाने का आरोप है, जबकि एक करोड़ रुपये अतिरिक्त मांगने की शिकायत है। उपलब्ध रिपोर्टों में यह नहीं बताया गया कि पहले की पूरी रकम किस तारीख को, कितनी किस्तों में और किस माध्यम से दी गई। इसलिए भुगतान के तरीके या कुल लेनदेन के प्रमाण के बारे में अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता।
निजी तस्वीरों के इस्तेमाल की शिकायत
शिकायत में महिला के पास कारोबारी की निजी तस्वीरें होने और उनके आधार पर दबाव बनाने का आरोप भी है। कहा गया है कि तस्वीरें हटाने तथा परिवार को बदनाम नहीं करने के बदले पैसे मांगे जाते थे। महिला के घर आकर सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने की बात भी पुलिस के सामने रखी गई है। निजी सामग्री होने का दावा और उसका इस्तेमाल करके धमकी देने का आरोप अलग-अलग जांच के विषय हैं। उपलब्ध समाचार विवरणों में तस्वीरों की बरामदगी, किसी उपकरण की जब्ती या फॉरेंसिक जांच का पुष्ट ब्यौरा नहीं है। इसलिए पुलिस को कोई विशेष डिजिटल साक्ष्य मिल जाने की बात नहीं कही जा सकती। ऐसे मामलों में सामग्री की प्रामाणिकता और उससे जुड़े संवाद का महत्व होता है।
पुरानी शिकायत का भी सामने आया उल्लेख
पुलिस के हवाले से प्रकाशित खबर में अक्टूबर 2019 में कारोबारी के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत और बाद में समझौता होने का उल्लेख है। हालांकि, उस पुराने प्रकरण का न्यायिक रिकॉर्ड या अंतिम निस्तारण संबंधी आदेश उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं दिया गया है। इसलिए पुराने आरोप को झूठा साबित हो चुका मामला बताना सही नहीं होगा। वर्तमान ब्लैकमेलिंग की शिकायत और पहले दर्ज यौन अपराध संबंधी मामला अपनी-अपनी जांच तथा कानूनी स्थिति रखते हैं। किसी मामले में समझौते का उल्लेख अपने आप यह साबित नहीं करता कि मूल शिकायत मनगढ़ंत थी। इसी तरह नई शिकायत दर्ज होने से पुराने आरोपों पर स्वतः कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकलता। दोनों घटनाक्रमों के दस्तावेज अलग से परखे जाने आवश्यक हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपों की जांच महत्वपूर्ण
अब मामले में आर्थिक लेनदेन, कथित धमकियों और दोनों पक्षों के बीच हुए संवाद की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। शिकायत में बताई गई रकम का आधार, भुगतान का उद्देश्य और अतिरिक्त मांग से संबंधित प्रमाण पूरे घटनाक्रम को समझने में मदद करेंगे। हालांकि, पुलिस आगे कौन-से विशेष कदम उठा रही है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। प्रकाशित रिपोर्टों में गिरफ्तारी के बाद महिला की रिमांड, जमानत या अदालत में पेशी के परिणाम का उल्लेख नहीं है। आरोपों के तहत लगाई गई सभी धाराओं का पूरा विवरण भी सामने नहीं आया है। फिलहाल पुष्ट कार्रवाई गिरफ्तारी की है, जबकि रकम वसूलने और धमकी देने का विवरण शिकायत तथा पुलिस के बयान के रूप में सामने आया है। मामले की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
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